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समय का चक्र

                
                                                         
                            एक बार ,
                                                                 
                            
एक मकान के - -
छत को ,
अपने ऊँचाई - -
और ,
विशालता पर - -
बहुत ही ,
घमंड या - -
अभिमान था ,
जैसे ही - -
एक और मंजिल ,
खड़ी हुई - -
उसका अभिमान या ,
घमंड बिल्कुल - -
चकनाचूर,
हो गया है - -
सच में ,
जैसे ही - -
एक और मंजिल ,
खड़ी हुई - -
यही छत ,
निचे का फर्स - -
बन गया l

इसलिए ,
किसी ने - -
सच ही कहा है कि ,
ओहदे या - -
पद पर ,
कभी भी घमंड - -
नहीं करना चाहिए ,
कारण - -
समय ,
हर ऊँचाई को - -
एक न एक दिन,
जरूर बदल - -
देता है l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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3 महीने पहले

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