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समाधान की राह

                
                                                         
                            सच में ,
                                                                 
                            
चाहे अपने - -
घर परिवार का ही,
क्यों न हो ?
नातेदार या - -
रिस्तेदार ही ,
क्यों न हो ?
यार - दोस्त ही - -
क्यों न हो ?
दोषारोपण ,
नहीं मढ़ना चाहिए l

यह तो ,
बिल्कुल सच है कि - -
किसी को ,
दोषी ठहराने से - -
किसी भी ,
समस्या का - -
समाधान नहीं होता है l

यह भी,
कहा गया है कि - -
जिनकी बुनियाद की,
नींव या - -
सोच की जड़े ,
कमजोर हुआ - -
करती है ,
वहाँ चलाकी - -
और ,
छल अक्सर - -
बचपन से ही,
स्वभाव बन जाते हैं - -
उसी स्वभाव से,
वसिभूत होकर - -
अपने औरत को भी,
दोषारोपण - -
करने से,
बाज नहीं - -
आता है l

दूसरे शब्दों में ,
स्वभाव बदलने से - -
किरदार बिगर जाता है ,
तो वजह - -
किसी एक इंसान में,
नहीं - -
पूरे परवरिश या,
संस्कारों में - -
होता है l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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3 महीने पहले

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