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सहज भक्ति

                
                                                         
                            सच ही,
                                                                 
                            
कहा गया है कि - -
जीवन को,
सहजता या - -
सुलभता के लिए,
आस्थावान या - -
धार्मिक होने भी,
बहुत जरूरी है l

किसी ने,
सच ही - -
कहा है कि,
यदि आप लोभरूपी - -
नाव पर सवार हो,
और उसका - -
मोह रूपी ,
पतवार हो - -
साथ ही,
छल रूपी - -
छिद्र ,
उस नाव में हो - -
भला कैसे,
बेरा पार - -
किया जा सकता l

प्रभु के,
मर्जी के बिना - -
एक पत्ता भी,
नहीं हिल सकता है - -
इसलिए,
जैसा भी - -
जिम्मेदारी मिले,
उसे तन - मन से - -
पूरा करने का,
प्रयास करिये - -
अपने कर्म या,
कर्तब्य में - -
कोताहील या,
या किफ़ाती मत - -
बरितिये,
या करये - -
गुस्सा होना,
या खीझना - -
बिल्कुल नहीं है,
भगवान पर - -
भरोसा रखकर,
सतकर्म करिये - -
और ,
सहजता या - -
सुगमता से ,
अमन - चैन पूर्वक - -
जीवन यापन करिये l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

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