आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

परवाह उनका करिये

                
                                                         
                            जिसने दिया,
                                                                 
                            
ये जिंदगी - -
सच में ,
उसका साया भी - -
नज़र नहीं ,
आता है - -
यूँ तो ,
भर जाती है - -
झोलियां ,
पर देने वाले - -
कभी नज़र,
नहीं आते l

परवाह उनका ,
कभी मत करो - -
जो वक़्त ,
बुरा आने पर - -
आपका साथ छोड़ दे ,
या यों कहे - -
जिनका विश्वास ,
वक़्त के साथ - -
बदल जाये ,
ओर - -
इनके विपरीत ,
परवाह उनका करिये - -
जो सुख - दुःख में ,
एक समान - -
आपके साया,
बनकर रहे - -
अभिप्राय ,
जिनका विश्वास - -
आप पर तब भी रहे,
जब आपका - -
वक़्त भी बदल जाये l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर