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समझाना होगा कि

                
                                                         
                            सच में ,
                                                                 
                            
परिवर्तन तो - -
प्रकृति का नियम है,
समय रूपी - -
कालचक्र ,
निरंतर - -
परिवर्तित,
होता ही रहता है - -
यह भी,
संभव ही - -
नहीं है कि ,
पहले जैसे - -
सब कुछ ,
हो जायेगा l

अपने शक्ति को ,
ब्यर्थ मत करो - -
ना ही,
तुम से - -
भूत बदला जायेगा ,
ना ही - -
बर्तमान या ,
भविष्य ही - -
प्रभावित होगा,
उदाहरण तौर पे - -
बचपन के बाद ,
यौबन - -
और फिर,
बुढ़ापा जरूर ही - -
आयेगा ,
हम आपमें से - -
कोई इसे नहीं,
रोक पायेंगे l

हकीकत में ,
यह सब को - -
जानना,
जरूरी है कि - -
जो बीत गया ,
वह कभी भी - -
लौट के ,
आने वाला नहीं है - -
इसलिए ,
किसी विचारक ने - -
सही ही ,
कहा है कि - -
जो बीत सो,
बीत गया - -
अब आगे सुध ले,
अर्थात् - -
अपने मन को,
समझाना होगा कि - -
वर्तमान में करो ,
परुषार्थ - -
तभी भविष्य ,
सुधर पायेगा l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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