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बंधन से मुक्ति

                
                                                         
                            सच में,
                                                                 
                            
जो चीज - -
आपके बस से ,
बाहर है - -
या यों कहे ,
जो अपने - -
हाथों में नहीं है ,
उसे - -
दिल से ही ,
आजाद
कर दिया जाय l

इसी परिपेक्ष में ,
थोड़ा - -
रिश्ते को बारीके से,
समझना चाहता हूँ - -
जब रिश्ते में ,
किसी प्रकार का - -
अनबन हो जाय ,
बातें आगे बढ़कर - -
तू -तू मैं - मैं तक,
पहुँच जाय - -
या पहुँचने लगे,
एक दूसरे पर - -
आरोप - प्रत्यारोप ,
लगाने लगे - -
और अपशब्द,
कहने पर - -
उतारू हो जाय,
तो भविष्य में - -
अमन -चेन,
कामना के लिए - -
उस रिश्ते को ,
अलविदा - -
कहने में ही,
भलाई है l

इसी क्रम में,
किसी ने - -
सच ही कहा है कि ,
जो काम - -
आपके लिए,
संभव नहीं है - -
या आपके बस का,
नहीं है - -
या यों कहे ,
आपके हाथ में - -
नहीं है ,
उसे सवेच्छा से - -
अपने ,
दिल -दिमाग़ से - -
हटा दिया जाय,
या आजाद - -
कर दिया जाय ,
यही बेहतर है - -
या बेहतर होगा l

इस प्रकार,
किसी को तकलीफ - -
हमसे पहुँचे,
तो - -
भला इसे में है ,
उसे तकलीफ देने या - -
पहुँचाने से,
पहले ही - -
उनसे दूर हो जाय l

अंत में ,
किसी को - -
दिल दुखाने से,
अच्छा है कि - -
खुशी - खुशी में ,
एक सुखद - -
अंत के साथ,
जुदा हो जाय l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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एक महीने पहले

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