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आख़िरी दिन अनजान

                
                                                         
                            सच में ,
                                                                 
                            
यह बहुत ही - -
गहरी बाते है कि ,
कौन सा दिन - -
हमरा,
आख़िरी दिन होगा - -
यह कभी भी ,
जिंदगी नहीं - -
बता पाता है ,
इसलिए ,
अभी से ही - -
थोड़ा - थोड़ा ,
अपना बना लो l

हम अपने को,
खोकर नहीं - -
उन्हें,
हल्के में लेकर - -
खोते हैं ,
सच में - -
यदि आज जो,
दिल में जगह - -
बना रखा है ,
कल वही - -
खालीपन,
बन जाता है - -
या हो जाता है ,
इसलिए - -
कहा गया है कि,
रिश्ते शब्दों से नहीं - -
व्यवहार से ,
याद किये जाते हैं l

अंत में ,
ये जिंदगी हमें - -
इंतजार करना ,
सिखाया - -
पर यह नहीं ,
बता पाया कि - -
किसका,
इंतजार अच्छा है - -
और ,
किसका बुरा l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
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एक महीने पहले

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