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जंतर मंतर की पुकार

                
                                                         
                            जंतर-मंतर गूँज रहा, जनता का है शोर,
                                                                 
                            
हक़ की खातिर निकले लोग, खुल गए हर ओर।
हाथों में तख्ती, दिल में आग, आँखों में अरमान,
न्याय मिले हर नागरिक को, बस यही है अभियान।
सच की राह पर जो चले, वही बने मिसाल,
जनता की आवाज़ दबे न, यही रहे ख़याल।
लोकतंत्र की यही शान, जनता सबसे ख़ास,
मिल-जुलकर आगे बढ़े, भारत रहे महान।
 - सूरज पालोदिया
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3 महीने पहले

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