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बच्चों को हिंदी सिखलाओ

                
                                                         
                            वाय वाय सिखलाने वाले,
                                                                 
                            
क्या जाने हिन्दी की शान,
हिन्दी से है अपना भारत,
हिन्दी से अपनी पहचान।।
मां को गर अब मां बोला,
तो अनपढ़ तुम कहलाओगे।
पिताजी को डैडु कह दो,
पढ़ें लिखे हो जाओगे।।
हर भाषा का ज्ञान पाओ,
पर हिन्दी को ना दूर करो।
है ये संस्कारो की जननी,
इसका सम्मान जरूर करो।।
ईयर कान को,नाक को नोजी,
अब मां ही हमें सिखाती है,
सीधी सादी अपनी माता भी,
कैसी पढ़ी लिखी हो जाती है।
छोड़ो विदेशी चाल चलन,
अब सब स्वदेशी अपनाओ।।
हिंदी अपनी मातृभाषा है,
बच्चों को हिंदी सिखलाओ।।
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2 घंटे पहले

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