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क़दमों के निशाँ

                
                                                         
                            तूफ़ान के आने से पहले
                                                                 
                            
पुरानी दीवार पर,
घड़ी के क़दम रुक गए।

लेकिन... बरामदा
बारिश से बने क़दम
गीले ही छोड़ गया।

बेंच पर
मुट्ठी भर बीज पड़े थे
बाजरे के।

भोर होते ही
नदी बहा ले गई
घोंसलों के निशान।
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3 महीने पहले

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