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                            दफ़्तर के लिए
                                                                 
                            
देर हो रही थी,

मैं मोज़ा
ढूँढ़ रहा था।

अलमारी में
बहुत ढूँढ़ा—
एक मोज़ा मिला।

स्टडी टेबल के नीचे
एक किताब पड़ी थी।

उठाया,
तो उसमें से
पिछले साल का
जॉब टर्मिनेशन लेटर
निकल आया।

सोफ़े के नीचे
झाड़ू फेरा—

एक झींगुर निकला,
जिसने कल रात
बहुत परेशान
किया था।

सोफ़े का
तकिया हटाया,
तो मोज़े का सिरा
नज़र आया।

मोज़े पहने,
शर्ट के बटन
लगाने लगा—

तो एक बटन
ग़ायब था।
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एक घंटा पहले

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