जीवन के अंधेरों में,
उम्मीद का दीप जलाए रखना,
मुश्किलें चाहे कितनी भी आएँ,
अपने हौसलों को बनाए रखना।
सफलता की राह में,
मिलेंगी मुश्किलें हजार,
हर मुश्किल से डटकर लड़ना,
कर देना उस पर करारा वार।
राह कठिन हो, कदम न रुकें,
आँधियाँ आएँ, हौसले न झुकें,
दुनिया चाहे जितना आज़माए,
अपने सपनों के आगे न रुकना!
सहारे की तलाश मत करना,
खुद अपनी पहचान बनाना,
गिरो अगर तो फिर उठ जाना,
और जीत का परचम लहराना!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X