जहां जहां मैं हूं
वहां वहां तुम हो
हर जगह मैं हूं
फिर कहां तुम हो।
तेरे आंखों में नाचते
सौन्दर्य में मैं हूं।
तेरे कानों में
बजते संगीत में मैं हूं।
तेरे नाक से गुजरते हुए
खुशबू में मैं हूं
तेरी त्वचा को छूती
हवाओं में में मैं हूं।
जहां जहां तुम हो
वहां वहां मैं हूं।
हर जगह मैं हूं
फिर तुम कहां गुम हो।
-सुनील गुप्ता
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