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बच्चों की ताकत

                
                                                         
                            लाठी झुकी, झुका डंडा,
                                                                 
                            
तलवार का झुकना हो गया।
बच्चों के आगे आख़िर,
सरकार का झुकना हो गया।।
सीना ताने चला था शासन,
फिर भी रुकना हो गया।
बच्चों के आगे आखिर,
सरकार का झुकना हो गया।।

बच्चों को नमन। बच्चों को नमन। बच्चों को नमन।

हमने सोचा बच्चे हैं,
हरकत बचकानी कर देंगे।
सत्ता से पंगा लेकर,
बेकार जवानी कर देंगें।।
मगर आज हम युवा जवानी,
को नतमस्तक होते हैं।
क्योंकि बच्चे ही सचमुच में,
पथ प्रदर्शक होते हैं।
हाथ में ना बन्दूक कोई,
कोई छूरी ना भाला है।
खाली हाथ में दम इतना कि,
त्याग– पत्र ले डाला है।
इनकी पेशी के आगे,
दरबार का झुकना हो गया।।
बच्चों के आगे आख़िर,
सरकार का झुकना हो गया।।
बच्चों के आगे आख़िर,
सरकार का झुकना हो गया।।

बच्चों को नमन। बच्चों को नमन। बच्चों को नमन।
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2 महीने पहले

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