अगर वीर माई के लालों ने उस दिन,
जेल की हवा रोटी खाई ना होती।
तो सच है आज यारों लिख लो कलम से,
हम लोगों ने मुक्ति पी न होती।।
– सुखराम आदिवंशी
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