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"बता मेरे देश तेरा हाल क्या है"

                
                                                         
                            मैने पूछा "बता ऐ मेरे देश तेरा हाल क्या है?
                                                                 
                            
तो देश ने कहा कि क्या बताऊँ की मेरा हाल क्या है!
यहां जाती धर्म पर बंट रहा समाज क्या है
भय भूख भ्रष्टाचार गरीबी का चल रहा खेल क्या है
ना मेरी किसी को फिकर ना मेरी किसी को जीकर
बस चल रहा हर शख़्श शहर दर शहर
पहर दर पहर चंद सिक्कों के लिए हहर
इससे बद्तर मचा बवाल क्या है
पूछा जो देश बता तेरा हाल क्या है??
देश ने कहा कभी था सोने की चिड़ियाँ
अब हर देशवासी चिड़िमार बन रहा है
कभी अभिव्यक्ति की आजादी
तो कभी मन की बरबादी कर रहा है
अंधभक्ति अविश्वासी की आंधियों में
उफनती नदियों के बीच पतवार छूट रहा है
बता ऐ मेरे देश तेरा हाल क्या है??
तो देश ने कहा कि - राम श्याम रसखान के
इस देश में..गली गली घूम रहें यहां रावण
साधु की भेष में
चल रहा हर युवा यहां अंधाधुन ना जाने किस आवेश में
बस चंद लोगों की मुठ्ठी में छुपा हर पावर
आम जनता बस ले रही मीठी रेवड़ियों की शावर
यहां बात बात पर मच रहा बवाल क्या है
मैने पूछा बता मेरे वतन तेरा हाल क्या है?
बता ऐ मेरे देश ये बवाल क्या है
बता ऐ मेरे देश इन सभी सवालों के
जवाब क्या है???
-सुजीत
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3 महीने पहले

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