जब-जब अपने आपको,आईनें के सामने निहारा
तब-तब पत्नी ने मुझको,लोफर कहकर फटकारा
दोस्तों बीवी से आज फिर,मैं दसवीं बार फिर हारा
अब छोडो़ यार सब,लो जी हो गया दशहरा हमारा
-सुखप्रीत सिंह " सुखी "
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