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पंचायत सहायक और प्रिय

                
                                                         
                            मैं गांव का पंचायत सहायक, तुम दूसरे गांव की हूर प्रिय
                                                                 
                            
मैं ऑफिस में बैठा रहता, तुम रहती मुझ से दूर प्रिय

मैं दिन भर पलटू फाइल को, तुम पलट कर करती घाव प्रिय
मैं योजनाएं बतलाता हूं, तुम देती न हो भाव प्रिय

मैं उठू सुभा के आठ बजे, तुम चार बजे उठ जाओ प्रिय
मैं जाता हूं ऑफिस को, तुम घर में धूम मचाओ प्रिय

मैं मीटिंग ज्वाइन करता हूं, तुम मीठी बाते करती हो
मैं बनाता घूमु आयुष्मान, तुम रोगी मुझे समझती हो

मैं हैंड पंप का सर्वे करू, तुम पीती उस से नीर प्रिय
मैं सीधा सादा लड़का हूं, पर तुम हो टेढ़ी खीर प्रिय

मैं स्वच्छ भारत अभियान करू, तुम मन को स्वच्छ बताओ प्रिय
मैं ऑनलाइन करू पेंशन, तुम देख कर खुश हो जाओ प्रिय

मैं आय जाति निवास में उलझा, तुम रहती इन से मुक्त प्रिय
मैं 13 रजिस्टर लिया बैठा, तुम खुद में रहती मस्त प्रिय

मैं पंचायती राज का सेवक हूं, तुम घर की जिम्मेदार प्रिय
मैं जब भी थक कर हारा हूं, तुम बनी मेरा संसार प्रिय

/ सोनू सिंह 'अनुभव'
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2 वर्ष पहले

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