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बिटिया मेरी

                
                                                         
                            बिटिया मेरी प्यारी
                                                                 
                            
गाल पर मोतियाँ क्यों
तुतली बोली में प्यारी मेरी
बोलो आँखों में अश्रु क्यों

पावन भारत की भारती तू
उदास होकर बैठी क्यों
करुणामयी जननी है तेरी
सुनाओ बिटिया कहानी तेरी

सुरक्षित भू भाग पर हो तू
प्यारे-प्यारे रिश्तों से घिरी हो तू
चाहो जो भी माँग लो अभी
पुण्यभूमि तेरे साथ है अभी भी

ऐसा मुल्क है तेरा
जहाँ ख्वाहिश पूरी होगी तेरी
राम-रतन भरी हुई इस भू में
कृष्ण-गीत फैला हुआ इस खंड में

तिनका पड़ा इक आँख में
निकालेंगे सारे नातें
सुकून की ज़िंदगी जिओ
सुयश से जीते रहो
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2 सप्ताह पहले

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