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तुम रहती अगर हमारे साथ

                
                                                         
                            चलती हो तुम अपने आशिक़ के साथ तो,
                                                                 
                            
क्या ख़ूब लगती हो।
क़यामत की मानो निशानी लगती हो।
तुम रहती अगर हमारे साथ, तो हम यक़ीन कर लेते
कि हाथों की लकीरों में मानो क़िस्मत लिखी हो।
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2 घंटे पहले

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