अब तो डर को लेकर भी,
जगह-जगह चर्चा हो रही है,
सी.सी.टी.वी. कैमरों के संग,
बड़ी खुराफात हो रही है।
देखते ही सबसे पहले,
इन्हीं पर आघात हो रही है,
डरावनी आशंकाओं से बचने को,
इनकी ही बात हो रही है।
कैमरे का सहारा लेकर,
लोग निश्चिंत हो जाते हैं,
घर से दूर कहीं जाने पर,
इसको पहरेदार बनाते हैं।
लेकिन कैमरे के रहते भी,
कब किसका सपना टूटेगा,
सिर्फ निगरानी के भरोसे से,
क्या हर खतरा छूटेगा?
डर से बचने का उपाय यही है,
सजग रहें, सावधान रहें,
कैमरा केवल आँख है अपनी,
खुद भी जागरूक इंसान रहें।
-सूबा लाल "अंजाना"
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