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होने दे जरा

                
                                                         
                            दिल से दिल की बात होने दे जरा,
                                                                 
                            
इक नयी शुरुआत होने दे जरा.

सबको आखिर मे तो सोना ही पड़े,
और गहरी रात होने दे जरा.

खेल ये शतरंज का चलता रहे,
यार शह और मात होने दे जरा.

खुद ही हर शिकवा तेरा बह जायेगा,
झूम कर बरसात होने दे जरा,

तू भी दीवाना बनेगा एक दिन,
मर्ज़ के असरात होने दे जरा.

है नहीं कतरा, समंदर से जुदा,
गर्क अपनी जात होने दे जरा.

ख़ुश्क दामन ले के क्यों जाना वहाँ?
तर बतर ज़ज़्बात होने दे जरा.
-सोमेश शर्मा
 
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2 महीने पहले

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