आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

प्रेम के मुक्तक

                
                                                         
                            पतझड़ स लग रहा है मुझको बहार में।
                                                                 
                            
बीत रहा है हरपल मेरा तेरे इंतजार में।
मेरे दोस्त तुम कहा हो अबतक नहीं आए,
क्या कमी है कोई अब भी मेरे प्यार में।।

याद तुमको हम करते हैं हर पल।
बिना तुम्हारे नहीं जीते हैं एक पल।
जान जाए मेरी खुदा करे ये दोस्त,
याद तुमको न करूँ मैं जिस पल ।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर