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प्रदूषण धीमा जहर

                
                                                         
                            प्रदूषण धीमा जहर है,
                                                                 
                            
करता फेफड़ों पर असर है।
साँस की होती परेशानी,
मनुष्य फिर भी बेखबर है।

प्रदूषित हवा से ले साँसे,
शरीर बीमारियों का घर बनता है।
बच्चे, बूढ़े के साथ साथ,
अपना तन भी नष्ट करता है।

पर्यावरण दिवस के आने पर,
संरक्षण की बात करता है।
पेड़ पौधों को काट -काटकर,
कंक्रीट के जंगल तैयार करता है।

चाह नहीं स्वस्थ वातावरण की,
प्लास्टिक का पहाड़ बनाता है।
अपने साथ अपने बच्चों का भविष्य,
दुर्गम,कठिन बनाता जाता है।

पेड़ लगाकर ,कर श्रृंगार धरा का,
अपना भी भविष्य सुधारना है।
अभी पेड़ लगाओगे तो
अगली पीढ़ी को फल पाना है।

-सीमा केडिया
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3 वर्ष पहले

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