आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

भूलो मत

                
                                                         
                            चाले चल इतराते हो
                                                                 
                            
वजह बताना तो पड़ेगा,
हर सच को झूठ बनाया है
एक दिन तो मानना पड़ेगा।

गुनाह किया है तुम सबने
एक दिन कबूलना ही पड़ेगा,
जिस आग में झोंका है सबको
उस आँच को सहना तो पड़ेगा।
-श्याम सुंदर सिंह
सिंहपुर-फेफना-बलिया
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 hours ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर