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ज़िंदगी मन मुताबिक नहीं चलती...

                
                                                         
                            ज़िंदगी मन मुताबिक नहीं चलती...
                                                                 
                            
फिर भी उसे जीना पड़ता है,
हर चाहत पूरी हो ज़रूरी नहीं...
कुछ ख्वाहिशों को छोड़ना पड़ता है,
हर मोड़ आसान हो मुमकिन नहीं...
कुछ मुश्किलों से लड़ना पड़ता है,
जो मिला है उसे अपनाकर है...
हमें जिंदगी में आगे बढ़ना पड़ता है।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
1 hour ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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