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साईं - तेरे नाम की रोशनी

                
                                                         
                            साईं तेरे नाम से महके, मेरे मन का हर इक कोना,
                                                                 
                            
तेरी भक्ति में खोकर चाहूँ, तुझमें ही अपना सब होना।
जब भी मन पर छाए बादल, तू बनकर उम्मीद बरसता,
सूनी राहों पर भी साईं, तेरा नाम दिया-सा जलता।

तेरी शरण में दर्द भी पिघले, आँसू बनकर मोती हो जाएँ,
तेरी कृपा की छाँव जो मिले, काँटे भी फिर फूल बन जाएँ।
न दौलत की चाहत साईं, न दुनिया का मान चाहिए,
बस तेरे चरणों में रहकर, दिल को तेरा ध्यान चाहिए।

तू ही मेरा दीप अँधेरा, तू ही मेरी राह का तारा,
तू ही डूबते मन का साहिल, तू ही मेरा एक सहारा।
हर धड़कन में नाम तेरा हो, हर साँस तुझे दोहराए,
साईं तेरी प्रेम-कृपा से, जीवन गीत बन जाए।

जो भी तेरे द्वार पे आए, खाली कभी न लौटे साईं,
जिसने तुझको दिल से पुकारा, उसकी सुन ले दौड़े साईं।
मेरी भी बस यही दुआ है, रख लेना चरणों में मुझको,
जन्म-जन्म तक नाम तेरा हो, और तेरा ही प्यार मिले मुझको।

साईं तेरे नाम की धुन में, मन मेरा मुस्काता जाए,
तेरी कृपा की छाँव तले बस, जीवन मेरा खिलता जाए।
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57 मिनट पहले

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