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गणपति आए, मंगल लाए

                
                                                         
                            गणपति आए, मंगल लाए,
                                                                 
                            
सूने मन में दीप जलाए,
दूर करें हर दुख की छाया,
बप्पा ने जब हाथ बढ़ाया।

गणपति आए, मंगल लाए,
हर आँगन में सुख बरसाए।

माथे चंदन, मोदक प्यारे,
भक्त खड़े हैं द्वार तुम्हारे,
दूर्वा लेकर शीश झुकाएँ,
मन की हर मुराद सुनाएँ।

गणपति आए, मंगल लाए,
हर आँगन में सुख बरसाए।

रिद्धि-सिद्धि संग आपके आएँ,
भाग्य के बंद कपाट खुलाएँ,
जिस घर गूँजे नाम तुम्हारा,
उस घर हो उजियारा-उजियारा।

गणपति आए, मंगल लाए,
हर आँगन में सुख बरसाए।

टूटे सपनों को फिर जोड़ो,
भटके मन को राह दिखाओ,
जहाँ निराशा डेरा डाले,
वहाँ उम्मीद के फूल खिलाओ।

गणपति आए, मंगल लाए,
हर आँगन में सुख बरसाए।

बुद्धि दो, सद्बुद्धि भी देना,
सत्य-पथ पर हमको रखना,
अहंकार की गाँठें खोलो,
मन में प्रेम का दीप जलाना।

गणपति आए, मंगल लाए,
हर आँगन में सुख बरसाए।

आज तुम्हारे चरणों में हम,
अपना हर अभिमान चढ़ाएँ,
बस इतनी-सी विनती बप्पा-
हर जन्म तुम्हें ही शीश नवाएँ।

गणपति आए, मंगल लाए,
हर आँगन में सुख बरसाए।

गूँजे हर घर गणपति बप्पा,
खुशियों से भर जाए जग सारा,विघ्न विनाशक, मंगलदाता,तुमसे रोशन जीवन हमारा।

गणपति आए, मंगल लाए,
हर आँगन में सुख बरसाए।
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5 घंटे पहले

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