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मैंने देखा है शमशान जाते अपने लाखों अरमानों को।

                
                                                         
                            मैंने देखा है वो मंज़र कैसा था,
                                                                 
                            
जब मेरे सपनों का देहांत हुआ।

मैंने देखी है चिता की वो भीसड़ आग,
जो मैंने ही लगाई थी।

मैंने देखा है सफ़ेद वस्त्र पहने अपनी ही काया हो।
मैंने देखा है शमशान जाते अपने लाखों अरमानों को।

चिता पर सोये मेरे सपनों ने मुझे जगाया था।
जाग कर देखा मैंने बीती यादों में,
मैंने ही तो गला दबाया था।
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5 घंटे पहले

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