आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हर क़ौम की भारत माता

                
                                                         
                            खून से सींची धरती ये ,
                                                                 
                            
तब जा कर चैन आया ।
आज भी वीर शहीदों पर ,
आंसू भर नैन आया ।।

हर क़ौम की भारत माता ,
यहां बहती यमुना गंगा ।
वो गोली खाकर गिरते ,
पर लेकर चले तिरंगा ।।

जिस दिन मिली आजादी ये,
घर-घर शुभ दिन रैन आया ।
खून से सींची धरती ये ,
तब जा कर चैन आया ।।

शहीदों के कफन से ही ,
तिरंगे का मान बढ़ा ।
नियम और सम्मान से ही ,
तिरंगे का शान बढ़ा ।।

सही-सही फहराये ध्वज पर ,
बलिदानी बेचैन आया ।
खून से सींची धरती ये ,
तब जा कर चैन आया ।।

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर