कहते हैं सब राजधुलारी
ग्रहस्थी संभाले लगे प्यारी ?
चूल्हे चौके में व्यतीत करती अपना जीवन
ना इच्छानुसार बना पायी उसे मधुबन
क्यों कहते हो उसे किस्मत की मारी?
सशक्त् नारी सब पर भारी ।
खोलकर परों को अगर भरे उड़ान
बदल सकती है यह पुरा जहां
कहती है यह गीता और कुरान
अगर ना हो नारी तो किसी काम का नहीं यह जहां
क्यों कहते हो उसे किस्मत की मारी?
सशक्त् नारी सब पर भारी।
इतिहास की महान नारी
जिसने देश पर अपनी जान तक वारी
'रानी लक्ष्मीबाई'
जिसने देश पर मर मिटने की कसम थी खाई
मिटाते मिटाते अंग्रेज़ों का नाम-ओ-निशान्
स्वयं हो गयी मातृभूमि पर कुर्बान
क्यों कहते हो उसे किस्मत की मारी?
सशक्त् नारी सब पर भारी।
जिसमे कूट कूट कर भरा है साहस
बुराईओं का करती है सर्वानाश
अगर उसकी मर्यादा को हो कोई हानी
तो बदल जाती है भविष्य की कहानी
'द्वापर्युग की द्रौपदी'
जिसने कौरवों की ख़त्म् कर दी थी कहानी
क्यों कहते हो उसे किस्मत की मारी?
सशक्त् नारी सब पर भारी।
देश को बनाने में नारी का बड़ा योगदान
'बछेंदरी पॉल'
हिमाचल की बेटी,हिमालय की शान
माउंट एवेरेस्ट की चोटी पर लिखा है जिसका नाम
क्यों कहते हो उसे किस्मत की मारी?
सशक्त् नारी सब पर भारी।
खोल अपने पंखों को 'वाणी'
बना अपनी तू भी एक कहानी
भर हौंसले की एक ऐसी उड़ान
तेरे पीछे चले सरा जहां
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X