जिन्दगी एक लम्हा है संवरने के लिये,
जिन्दगी एक पल है बिगड़ने के लिये,
एक छो़टे से पल के लिये जिन्दगी मत छोडो,
एक लम्हा बहुत है जिन्दगी बद्लने के लिये,
अपनी हालत देखकर यू मायूस मत हो,
करोडो सो जाते है सडकों पे बिना खाये,
एक छोटी सी कोशिश तो करो अपनी हलत बद्लने के लिये,
बढा कदम्, तोड दे जजींरे, कर ले दुनिया मुट्ठी में,
बन जा जो बनना चहता है,
बस बनने के बाद एक कदम उठा देना अपने जैसो के लिये,
मत छोड़ इस जिन्दगी को यूूूं ही,
ये मिली है किसी कि दुअा से,
अपने लिये नहीं तो थोडा जी ले अपनो के लिये । ।
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