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अतीत के पल

                
                                                         
                            तुम थे तो ऐसा लगता था
                                                                 
                            
पापा कभी न जाओगे
समय समय पर याद आ आकर
इतना कभी रुलाओगे,
तुम थे तो ऐसा लगता था
पापा कभी न जाओगे,

मै छोटा था कष्ट बड़े थे
मुँह बाये तब सभी खड़े थे,

पैसा तुझपे एक न था पर
हम सबने शुभ समय बिताये

बिन चप्पल स्कूल गया मै
बिन स्वेटर जाड़े ना आये

कपड़े कम थे
पर ना गम थे
बड़ा हुआ परिवार हो गये
सपने सब साकार हो गये
सपनों की इस दुनिया में
सबके अब आकार हो गये

पर अब ऐसा भाव कहाँ है
आपके जैसा छाँव कहाँ है

वैसे तो अरमान नहीं है
मिलना अब आसान नहीं है

मन करता बालक बन जाऊं
तेरी गोदी में सो जाऊं.

तुम थे तो ऐसा लगता था
पापा कभी न जाओगे
समय समय पर याद आ आकर
इतना कभी रुलाओगे,
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2 महीने पहले

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