शिवज्ञानप्रदायिनि देवि, स्कन्दशक्तिस्वरूपिणि।
स्कन्दमातः प्रसीद मे, जगन्मङ्गलकारिणि॥
मातृवात्सल्यरूपिणि, ब्रह्मविद्याप्रकाशिनि।
हृदयाम्भोजवासिनि, चिदानन्दस्वरूपिणि॥
स्कन्दतेजोविवर्धिनि, जगद्धात्रि, शिवप्रिये।
धर्मसंस्थापनकारिणि, दुष्टदर्पविनाशिनि॥
योगिवृन्दनुते देवि, भक्ताभीष्टफलप्रदे।
स्कन्दमातर्नमस्तुभ्यं, पराशक्ते नमो नमः॥
- सनातन मुकुंद
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