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श्रीमहागौरीमातृस्तोत्रम् ॥

                
                                                         
                            श्वेताम्बरे महागौरि, शुचिस्मिते शिवप्रिये।
                                                                 
                            
शरणागतवत्सले मातः, नमस्तुभ्यं नमो नमः॥

हिमशैलसुते देवि, दिव्यकान्तिस्वरूपिणि।
शुद्धसत्त्वप्रदे मातः, भक्तानुग्रहकारिणि॥

वृषभारूढे कल्याणि, चतुर्भुजे महेश्वरि।
त्रिशूलडमरुधारिणि, सर्वमङ्गलदायिनि॥

श्वेतपद्मनिभे देवि, शान्तिसौभाग्यदायिनि।
पापतापविनाशिनि, करुणामृतवर्षिणि॥

तपःप्रभावसम्पन्ने, शिवप्राप्तिप्रदायिनि।
अन्तःकरणशोधिनि, ज्ञानदीपप्रकाशिनि॥

अविद्यातिमिरध्वंसिनि, ब्रह्मविद्यास्वरूपिणि।
चित्तप्रसादजननि, मुक्तिमार्गप्रदर्शिनि॥

भक्तिभावप्रदे मातः, श्रद्धाविश्वासवर्धिनि।
धैर्यं शान्तिं च मे देहि, प्रसीद परमेश्वरि॥

जगन्मातः, महागौरि, जगदाधाररूपिणि।
प्रसीद करुणामूर्ते, पाहि मां भक्तवत्सले॥

शुभ्रतेजःस्वरूपायै, महागौर्यै नमो नमः।
शिवशक्तिस्वरूपायै, जगन्मात्रे नमो नमः॥
-सनातन मुकुंद
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3 घंटे पहले

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