एकता का गीत सुनाएँ,
मिलकर कदम बढ़ाएँ।
प्रेम बाँटें, खुशियाँ बाँटें,
सबको गले लगाएँ॥
मिल-जुलकर हम खेलेंगे,
मिल-जुलकर हम गाएँ।
हँसते-गाते साथ हम सब,
नई मिसाल बनाएँ॥
रंग अनेक, भाषा न्यारी,
भारत माँ की शान।
एक हृदय बन साथ रहेंगे,
यही हमारी पहचान॥
हाथों में हाथ सभी के लेकर,
मिलकर आगे जाएँ।
सत्य, प्रेम और सद्भावों से,
सुंदर जग महकाएँ॥
जाति-धर्म के भेद मिटाकर,
प्रेम-सुमन बरसाएँ।
एकता की शक्ति जगाकर,
भारत का मान बढ़ाएँ॥
- सनातन मुकुंद
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