जिंदगी ने मेरे साथ
जो भी किया अच्छा किया.
कम से कम मुझे
मेरी अहमियत का
अंदाज़ा तो हुआ.
वरना लोग जन्म लेते हैं और
मर जाते हैं,
उन्हें यह भी पता नहीं होता कि
उनके जीवन का उद्देश्य
क्या है या क्या था कभी ....?
-शाहाना परवीन 'शान'
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