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नहीं चाहिए किसी की झूठी हमदर्दी,

                
                                                         
                            नहीं चाहिए किसी की झूठी हमदर्दी,
                                                                 
                            
सच से मिला अपमान भी मंज़ूर है।
क्योंकि झूठी तसल्ली से बेहतर,
कड़वा सत्य भरपूर है।
-शाहाना परवीन 'शान'
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2 महीने पहले

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