कुछ कहे कुछ अनकहे से
अहसास है दोस्ती,
मन से कहे जो बात मन की,
ऐसी होती है दोस्ती।।
न मन में भरी होती कड़वाहटे ,
न होती भावना द्वेष की।
एक दूसरे के प्रति मर मिटेगें,
ऐसी भावना है दोस्ती।।
रिश्ते बहुत इस जहाँ में,
नज़र घुमाकर ज़रा देखो तो,
उन रिश्तों में कितना है अपनापन ?
यह भी ज़रा देखो तो।
केवल मित्रता ही वह रिश्ता
जो देता त्याग और प्यार।
हर रिश्ते से बड़ा होता है ,
अच्छे दोस्तों का साथ।।
मतलबी फरेब से दूर होती है दोस्ती,
अच्छे बुरे का अर्थ समझाती है दोस्ती।
दिल की धड़कने हैं दोस्ती,
अंधेरों मे फैलता उजाला है दोस्ती।।
-शाहाना परवीन' शान'...
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