बोझ न समझो दिव्यांगों को,
वे भी समाज का अभिमान हैं।
प्यार, सम्मान और सहयोग दो,
वे विकसित भारत की पहचान हैं।
क्यों करना भेदभाव उनसे
ईश्वर ने उन्हें भी बनाया है
सांसे और धड़कने दी समान रुप से
उनके सपनों को सजाया है।
-शाहाना परवीन 'शान'
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