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जब तुम आओगे शायद वसन्त जा चुका होगा

                
                                                         
                            क्या तुम आओगे,
                                                                 
                            
अनंत प्रतीक्षा का अंत कर?
जब तुम आओगे शायद वसन्त जा चुका होगा,
जब तुम आओगे फूलों पर धुंध छा चुका होगा।
अल्हड़पन मेरे मन का ठहराव ले चुका होगा।
क्या हम एक दूजे को पहचान पाएंगे,
बहुत कुछ मुझमें बहुत कुछ तुममें बदलाव हो चुका होगा।
प्रतीक्षा करते करते बहुत देर हो चुकी होगी,
क्या तुम देर होने से पहले आ पाओगे?
-शची तिवारी
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3 घंटे पहले

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