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शब्दों का एहसास

                
                                                         
                            मेरी कविताओं को
                                                                 
                            
मोड़ देने वाले,

मेरे शब्दों को
जोड़ने वाले…

मेरे हर कदम पर
साथ देने वाले,

मेरे लड़खड़ाए कदमों को
संभालने वाले—
हो तुम। 🤍

“शायद इसलिए…
मेरे हर एहसास में
बसते हो तुम…”
 
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47 मिनट पहले

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