मेरी कविताओं को
मोड़ देने वाले,
मेरे शब्दों को
जोड़ने वाले…
मेरे हर कदम पर
साथ देने वाले,
मेरे लड़खड़ाए कदमों को
संभालने वाले—
हो तुम। 🤍
“शायद इसलिए…
मेरे हर एहसास में
बसते हो तुम…”
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