आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

उसका ख़याल

                
                                                         
                            उसका ख़याल
                                                                 
                            
एक उसका ख़याल, जो हर वक़्त
मेरे साथ रहता है

जैसे मेरे दिल पर उसका पहरा हो।
दिल कभी इतना गहरा था,

कि अब सहरा-सा लगता है,
और उसका प्यार यूँ महसूस होता है—

जैसे तपते हुए सहरा में एक बूंद
भी पूरी बारिश बन जाए।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 hours ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर