उसका ख़याल
एक उसका ख़याल, जो हर वक़्त
मेरे साथ रहता है
जैसे मेरे दिल पर उसका पहरा हो।
दिल कभी इतना गहरा था,
कि अब सहरा-सा लगता है,
और उसका प्यार यूँ महसूस होता है—
जैसे तपते हुए सहरा में एक बूंद
भी पूरी बारिश बन जाए।
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