हजारीबाग में हरियाली बहुत है
रूपाली , सोनाली और भी बहुत है
झील पर , हिल पर और कहां कहां बताए
निर्मल महतो पार्क तो उसी के लिए बनी है
नज़ारों की यहां कोई कमी ही नहीं है
गेंदा , गुलाब से पूरी शहर भरी पड़ी है
मटवारी की शाम , झंडा चौक का जाम
गांधी मैदान में तो एक से एक फुलझड़ी है
और कौन कौन सी गली का किस्सा सुनाए
कितने नज़ारे है कैसे कैसे बताए
अंगना कंगना है , सुन्दरी मार्केट है
सिंघानी से कोर्रा तक तो सिर्फ Green Belt है
हर मौसम की यहां अपनी कहानी है
हजारीबाग जैसे खुद एक जवानी है
छोड़ो अब ज्यादा क्या नाम गिनाए
बस कल्लू चौक देख लेना कहीं हरियाली छूट ना जाए
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