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मुझको डांटती फिरती रहती हरदम

                
                                                         
                            कल्लू चौक से आती थी
                                                                 
                            
काला चश्मा लगाती थी
दिल को जलाती थी
अरे गोरी गोरी एक मैडम

मुझको डांटती फिरती रहती हरदम
उस लड़की का नाम था अनम
अरे टुकुर टुकुर देखते रहते हम
उस लड़की का नाम था अनम

कभी कुर्ती में आती थी
कभी जींस पहनती थी
जब जब मुस्कुराती थी
अरे पागल हो जाते थे हम

उनकी नज़र पड़ती शर्मा जाते हम
उस लड़की का नाम था अनम
अरे गुस्से में भी प्यारी लगती एकदम
उस लड़की का नाम था अनम

Reception में बैठती थी
कभी लाइब्रेरी में दिखती थी
खाती पीती रहती थी
अरे शिफा की इकलौती बहन

मीठी मीठी बातें करती हरदम
उस लड़की का नाम था अनम
अरे सौरव(100₹v) की प्यारी मैडम
उस लड़की का नाम था अनम
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एक घंटा पहले

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