हवा की सरगोशी में सुकून बसता है,
नदियों की धुन में एक गीत बहता है।
पहाड़ चुप रहकर भी हौसला सिखाते हैं,
पेड़ बिना कुछ माँगे ही छाँव दे जाते हैं।
सूरज हर सुबह उम्मीद जगाता है,
चाँद हर रात दिल को सहलाता है।
फूल बताते हैं कि मुस्कुराना ही जीवन है,
बारिश सिखाती है कि बरसना भी ज़रूरी है।
प्रकृति का हर रंग एक कहानी कहता है,
जो इसे महसूस कर ले,
वही सच में जीना सीखता है।
- सौरभ पाण्डेय
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