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माटी की महक

                
                                                         
                            अपने गांव के माटी की महक के
                                                                 
                            
सामने शहर बेकार लगता है
अपने बागिचे के चिड़ियों की चहक के
सामने सब कुछ बेकार लगता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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5 घंटे पहले

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