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बागी बलिया की पहचान

                
                                                         
                            है जहां का तेवर बागी
                                                                 
                            
है वह बलिया बागी
है वह बैरिया बागी
है वह जिला बड़ भागी
है जहां गंगा का मैदान
है जहां सरयू का मैदान
है जहां के माटी का सम्मान
है जहां के माटी में भगवान
है जहां तिरंगे पर ध्यान
हैं जहां के लोग निडर
है वहीं पर मेरा घर
है सभ्यता का सर्वोच्च शिखर
है जहां के लोग तपी त्यागी
है जहां से सैकड़ों संन्यासी
है जहां के लोग स्वाभिमानी
है जहां के लोग बलिदानी
हैं जहां से मंगल पांडे
हैं जहां से चित्तू पांडे
जहां स्वदेश हित तनती तलवारें
यहां के लोग जब ललकारें
हिल जाती सरकारें
यहां के लोग जब हुंकारें
बदल जाती सरकारें
गूंजते जहां " सहज" के गान हैं
जहां भृगु स्थान है
हां वही हमारा हिम्मती हिंदुस्तान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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