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उसकी तस्वीर

                
                                                         
                            एक तस्वीर जो
                                                                 
                            
दिल में उतरती रही
बिन कहे आंखों और
होंठो से जाने कितनी बातें
वो करती रही
चेहरे पर आ ठहरी
एक हल्की सी मुस्कान
मैं उसकी खूबसूरती के
कसीदे पढ़ता रहा
और कायल होता रहा
बेसाख्ता वो मेरी हर
खामोशियों से बातें करती रही।

-सत्यनिधि द्विवेदी अंशिल
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3 महीने पहले

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