कोई कहता है तो
कोई सुनता है दिल की बात।
उन्हीं एक कुछ पलों में
बोल पड़ते हैं दिल के जज्बात।
उन्हीं पलों तुम ख्वाबों में
दस्तक देती हो
जज्बातों से बतियाती हो
और मेरी धड़कन बनकर रहती हो।
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